साधना स्थली हैं संघ शिक्षा वर्ग : विमल गुप्ता : 15 दिवसीय इन प्रशिक्षण वर्गों में कुल 743 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।
Ashwani Kumar Sinha
Sat, May 30, 2026
साधना स्थली हैं संघ शिक्षा वर्ग : विमल गुप्ता
मध्यभारत प्रांत के तीन संघ शिक्षा वर्ग प्रारंभ, 743 स्वयंसेवक ले रहे प्रशिक्षण
भोपाल, 17 मई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रांत के तीन संघ शिक्षा वर्ग 16 मई से प्रारंभ हो गए हैं। इनमें शिवपुरी में विद्यार्थी वर्ग, ब्यावरा में तरुण व्यवसायी वर्ग तथा बैतूल में 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवकों के लिए विशेष वर्ग आयोजित किया जा रहा है। तीनों वर्गों का औपचारिक उद्घाटन 17 मई को हुआ। 15 दिवसीय इन प्रशिक्षण वर्गों में कुल 743 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।
शिवपुरी स्थित सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, फतेहपुर में आयोजित विद्यार्थी वर्ग के उद्घाटन अवसर पर मध्यभारत प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है, जहां स्वयंसेवक साधक के रूप में शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यवस्थात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में कार्यविस्तार और कार्य के दृढ़ीकरण के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है। वर्ग से समूह में कार्य करने की क्षमता, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, स्वावलंबन, अनुशासन तथा वैचारिक स्पष्टता का विकास होता है।
ब्यावरा में आयोजित व्यवसायी कार्यकर्ताओं के वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत सह-संघचालक डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि स्वयं को गढ़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण, कौशल विकास और वैचारिक स्पष्टता के लिए शारीरिक, बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास आवश्यक है। उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ को जीवन का मूल भाव बताते हुए कहा कि संघ की अनुशासित एवं वैज्ञानिक कार्यपद्धति भारत को परम वैभव तक पहुंचाने में सक्षम है।
डॉ. सेठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक दृष्टि विश्व को शांति एवं कल्याण का मार्ग दिखाने की क्षमता रखती है। भारतीय दर्शन ‘विश्व कल्याण’ और ‘धर्म की जय’ का संदेश देता है, जो वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के समाधान का आधार बन सकता है।
बैतूल स्थित भारत भारती विद्यालय परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (विशेष) के उद्घाटन अवसर पर प्रांत संघचालक श्री अशोक पांडेय ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग शिक्षार्थियों के शारीरिक एवं आत्मिक विकास का माध्यम है। उन्होंने कहा कि साधना कठिनाइयों के बीच ही सफल होती है और निरंतर अभ्यास से ही व्यक्तित्व का विकास संभव है। उन्होंने स्वयंसेवकों से देशभक्ति, अनुशासन और समाज जागरण के भाव को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों से आए कुल 743 स्वयंसेवक इन वर्गों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें शिवपुरी में 369, ब्यावरा में 200 तथा बैतूल में 174 स्वयंसेवक शामिल हैं। संघ शिक्षा वर्ग में उन्हीं स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है जिन्होंने पूर्व में प्राथमिक वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त किया हो तथा जो संघ कार्य में सक्रिय हों ।

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