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बैंकिंग सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित हो : बैंक अपने ग्राहकों से विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूलते हैं,

Ashwani Kumar Sinha

Sun, Mar 30, 2025

बैंक अपने ग्राहकों से विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूलते हैं, जो उनकी सेवाओं और लेन-देन पर निर्भर करते हैं। प्रमुख शुल्क निम्नलिखित हैं:

  1. कैश ट्रांजेक्शन शुल्क: बैंक एक महीने में नकद लेन-देन की एक निश्चित सीमा तक मुफ्त सुविधा प्रदान करते हैं। इस सीमा के बाद, अतिरिक्त लेन-देन पर शुल्क लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, एक्सिस बैंक में आप एक महीने में 2 लाख रुपये तक या चार बार मुफ्त में नकद निकाल सकते हैं; इसके बाद निकाली गई राशि पर 2.5% शुल्क लागू होता है。

  2. एटीएम निकासी शुल्क: मेट्रो शहरों में, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक अपने ग्राहकों को प्रति माह 8 मुफ्त एटीएम लेन-देन (5 अपने एटीएम से और 3 अन्य बैंकों के एटीएम से) की अनुमति देते हैं। इस सीमा के बाद, प्रत्येक अतिरिक्त लेन-देन पर 20-50 रुपये तक का शुल्क लगाया जाता है。

  3. न्यूनतम बैलेंस न रखने पर शुल्क: यदि खाता धारक न्यूनतम आवश्यक बैलेंस बनाए रखने में विफल रहता है, तो बैंक शुल्क लगाते हैं। उदाहरण के लिए, आईसीआईसीआई बैंक के मेट्रो और शहरी शाखाओं में न्यूनतम 10,000 रुपये का बैलेंस आवश्यक है। यदि यह बैलेंस नहीं रखा जाता है, तो 100 रुपये प्लस न्यूनतम बैलेंस में कमी का 5% शुल्क लिया जाता है。

  4. डेबिट कार्ड शुल्क: बैंक डेबिट कार्ड जारी करने और वार्षिक मेंटेनेंस के लिए शुल्क लेते हैं। यदि ग्राहक डेबिट कार्ड की आवश्यकता नहीं समझते, तो वे इसे न लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

  5. एसएमएस अलर्ट शुल्क: लेन-देन की सूचनाओं के लिए बैंक एसएमएस भेजते हैं, जिसके लिए मामूली शुल्क लिया जाता है। उदाहरण के लिए, एक्सिस बैंक में यह शुल्क लगभग 5 रुपये प्रति माह है, जबकि आईसीआईसीआई बैंक में प्रति तिमाही 15 रुपये का शुल्क लिया जाता है。

  6. चेक बुक और चेक क्लीयरेंस शुल्क: भारतीय स्टेट बैंक बचत खाता धारकों को पहले 10 चेक मुफ्त में प्रदान करता है। इसके बाद, प्रत्येक 10 चेक के लिए 40 रुपये का शुल्क लिया जाता है। 1 लाख रुपये से अधिक के चेक पर क्लीयरेंस शुल्क 150 रुपये है, जो रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित है。

  7. खाते को अवधि पूर्व बंद करने का शुल्क: यदि खाता धारक एक वर्ष के भीतर अपना खाता बंद करता है, तो कुछ बैंक शुल्क लगाते हैं। उदाहरण के लिए, मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक लिमिटेड साधारण बचत खाते के लिए 100 रुपये और चेक बुक सुविधा सहित बचत/चालू खाते के लिए 150 रुपये का शुल्क लेता है。

  8. ब्याज प्रमाण पत्र जारी करने का शुल्क: पहली बार यह प्रमाण पत्र मुफ्त में जारी किया जाता है, लेकिन इसके बाद प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए शुल्क लिया जाता है। उदाहरण के लिए, मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में यह शुल्क 50 रुपये प्रति प्रमाण पत्र है。

  9. नामांकन परिवर्तन शुल्क: खाते में नाम जोड़ने या हटाने के लिए बैंक शुल्क लेते हैं। उदाहरण के लिए, मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक लिमिटेड प्रत्येक प्रसंग के लिए 30 रुपये का शुल्क लेता है。

  10. लॉकर किराया और संचालन शुल्क: बैंक लॉकर सुविधा के लिए वार्षिक किराया लेते हैं। उदाहरण के लिए, बैंक ऑफ बड़ौदा में तीन वर्ष के अग्रिम भुगतान पर सामान्य जनता को 10% की छूट दी जाती है। एक वर्ष में 12 बार से अधिक लॉकर संचालन पर प्रति बार 100 रुपये का शुल्क लिया जाता है。

राज्य सभा में चर्चा:

25 मार्च 2025 को, लोकसभा ने वित्त विधेयक 2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ पारित किया। इस विधेयक में शुल्क ढांचे को तर्कसंगत बनाने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संशोधन शामिल थे。 विधेयक अब राज्य सभा में विचाराधीन है, और वहां से मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रक्रिया पूरी हो जाएगी。

उल्लेखनीय है कि वित्त विधेयक 2025 में ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6% डिजिटल टैक्स को समाप्त करने जैसे संशोधन शामिल हैं।

बैंक शुल्कों और उनसे संबंधित मुद्दों पर संसद में चर्चा होती रहती है, जिससे ग्राहकों के हितों की रक्षा और बैंकिंग सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके

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