BREAKING NEWS

विश्व पर्यावरण दिवस पर महिला मंडल ने दिया स्वच्छता और वृक्षारोपण का संदेश

आज ही के दिन, 5 जून 1973 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक, श्रद्धेय Madhav Sadashiv Golwalkar का नागपुर

नागपुर में RSS के राष्ट्रीय कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय का समापन, कुमार मंगलम बिड़ला रहे मुख्य अतिथि

तुलसी बस्ती के पांचों मोहल्लों में चलेगा इको ब्रिक्स अभियान

ध्येय के प्रति समर्पित जीवन ही राष्ट्र निर्माण का आधार : विजय दीक्षित

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

पोषण से भरपूर जीवन – दूध के साथ : विश्व दुग्ध दिवस पर पोषण और स्वास्थ्य के लिए दूध के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Ashwani Kumar Sinha

Sun, Jun 1, 2025


📰 विश्व दुग्ध दिवस पर पोषण और स्वास्थ्य के लिए दूध के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल, 1 जून।
विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर आज शहर के विभिन्न स्थानों पर दूध के पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक महत्व पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह दिवस हर वर्ष 1 जून को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने वर्ष 2001 में की थी।

इस वर्ष की थीम रही – "पोषण से भरपूर जीवन – दूध के साथ", जिसके तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, दुग्ध संघों और समाजसेवी संगठनों द्वारा रैलियां, संगोष्ठियां और दूध वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि दूध न केवल प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D का सर्वोत्तम स्रोत है, बल्कि यह बच्चों, बुज़ुर्गों और युवाओं के लिए एक संपूर्ण आहार भी है।
भोपाल दुग्ध संघ द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर निशुल्क दूध वितरण किया गया, वहीं स्कूलों में बच्चों को दूध के लाभ समझाए गए।

दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने कोविड काल में भी अनवरत दूध आपूर्ति सुनिश्चित की थी।

कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि दूध न केवल पोषण का साधन है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है, और इसका समर्थन करना समाज का दायित्व है।


विज्ञापन

जरूरी खबरें