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: सर्वोच्च न्यायालय, चेक अनादर की शिकायत, उस न्यायालय में दायर की जानी चाहिए, जिसका अधिकार क्षेत्र उस बैंक की शाखा पर हो, जहाँ आदाता का खाता हो, यानी जहाँ चेक संग्रह के लिए प्रस्तुत किया जाता है।

Admin

Fri, Mar 7, 2025
--------------- सर्वोच्च न्यायालय ने आज (6 मार्च) फैसला सुनाया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 ("एनआई अधिनियम") की धारा 138 के तहत चेक अनादर की शिकायत, उस न्यायालय में दायर की जानी चाहिए, जिसका अधिकार क्षेत्र उस बैंक की शाखा पर हो, जहाँ आदाता का खाता हो, यानी जहाँ चेक संग्रह के लिए प्रस्तुत किया जाता है। एनआई अधिनियम में 2015 के संशोधन के माध्यम से पेश की गई धारा 142(2) का संदर्भ लेते हुए, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चेक अनादर की शिकायत पर निर्णय लेने का अधिकार उस न्यायालय के पास है, जहाँ बैंक की शाखा (जहाँ आदाता का खाता है) स्थित है। 2015 का संशोधन संसद द्वारा दशरथ रूपसिंह राठौड़ बनाम महाराष्ट्र राज्य (2014) में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय द्वारा उत्पन्न भ्रम को दूर करने के लिए लाया गया था, जिसमें कहा गया था कि धारा 138 के तहत मामलों के लिए अधिकार क्षेत्र उस बैंक के स्थान से निर्धारित होता है जहाँ चेक काटा गया था।

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