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राखी का अर्थ है “रक्षा का बंधन” — यह हिंदू संस्कृति में प्रेम : RSS में राखी केवल एक पारंपरिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और संगठन की रक्षा का सार्वजनिक संकल्प

Ashwani Kumar Sinha

Sat, Aug 9, 2025

RSS में राखी की महत्ता — तथ्यपूर्ण विशेष समाचार

तारीख: 9अगस्त 2025
स्थान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाएँ, भारत (तस्वीर भोपाल महावीर नगर का)

1. RSS में राखी — संगठनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में राखी को केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित त्योहार नहीं माना जाता, बल्कि यह भाईचारे, एकता और संरक्षण की शपथ का प्रतीक है।

  • शाखाओं में स्वयंसेवक आपस में राखी बाँधते हैं, जो साथ निभाने, रक्षा करने और संगठन के प्रति निष्ठा का वचन माना जाता है।

  • यह त्योहार RSS के छह प्रमुख पर्वों में से एक है — वर्षप्रतिपदा, गुरु पूर्णिमा, शिवाजी राज्यारोहणोत्सव, विजयादशमी, मकर संक्रांति के साथ इसकी गिनती होती है।

2. सामाजिक विस्तार और सेवा भावना

राखी के दिन RSS स्वयंसेवक वंचित, गरीब और हाशिये के समाज तक जाकर वहां की महिलाओं से राखी बंधवाते हैं और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देते हैं।

  • यह परंपरा संगठन को जनसंपर्क और सामाजिक समरसता का अवसर देती है।

  • राखी के माध्यम से RSS यह संदेश देता है कि वह समाज के सभी वर्गों की रक्षा और सम्मान के लिए खड़ा है।

3. सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व

राखी का अर्थ है “रक्षा का बंधन” — यह हिंदू संस्कृति में प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है।

  • पौराणिक कथाओं में राखी के उदाहरण —

    • कृष्ण और द्रौपदी: कृष्ण के हाथ में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधा, जिसके बदले कृष्ण ने उनकी रक्षा का वचन दिया।

    • राजा बलि और देवी लक्ष्मी: लक्ष्मी ने बलि को राखी बाँधकर उनसे अपने पति विष्णु की सुरक्षा सुनिश्चित की।

  • ऐतिहासिक दृष्टि से यह त्योहार सामाजिक एकजुटता और राजनैतिक-सांस्कृतिक गठजोड़ का भी प्रतीक रहा है।

4. RSS के लिए राखी का विशेष संदेश

पहलू

विवरण

आंतरिक संगठन

स्वयंसेवकों के बीच निष्ठा, अनुशासन और रक्षा की प्रतिज्ञा

सामाजिक जुड़ाव

गरीब, वंचित वर्ग से संपर्क और विश्वास निर्माण

राष्ट्रीय दृष्टिकोण

राष्ट्र और समाज की एकता को बढ़ावा

संस्कृति संरक्षण

परंपराओं का पुनर्जीवन और अगली पीढ़ी में मूल्य जागरण

5. निष्कर्ष

RSS में राखी केवल एक पारंपरिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और संगठन की रक्षा का सार्वजनिक संकल्प है। शाखाओं में यह पर्व भाईचारे की भावना को मज़बूत करता है, समाज के हर वर्ग से जुड़ाव बढ़ाता है, और भारतीय संस्कृति की जड़ों से संगठन को जोड़े रखता है।

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