: ब्रह्माकुमारी करोंद सेवा केंद्र द्वारा परीक्षा पर कार्यशाला
Sat, Dec 30, 2023
प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज करोंद सेवा केंद्र के भोपाल द्वारा संस्था के युवा प्रभाग की "परीक्षा मित्र परियोजना" के अंतर्गत आज दिनांक 21.12.2023 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर ग्राम में आगामी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिस में बी.के. मधु बहन जी ने छात्रों को परीक्षा के दौरान भय मुक्त रहने एवं राजयोग के माध्यम से सकारात्मक चिंतन हेतु प्रेरित किया। साथ ही ब्रह्माकुमारीज़ संस्था का परिचय देकर संस्था द्वारा क्षेत्र में संचालित आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती यासीन कुरेशी द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था का आभार व्यक्त किया गया। आने वाले एग्जाम्स के तैयारी हेतु 400 बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण देते हुए ब्रह्माकुमारी बहनो ने सभी बच्चों को प्रतिज्ञा भी करा कर जीवन में होने वाली पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाने हेतु समझाया कि किस तरह से हम अपनी परीक्षा को बेहतर बना सकते हैं यह बताते हुए उन्होंने कहा कि हम अपने जीवन में हो रहे बदलावों को अगर ध्यान दें तो इसमें जायदा योगदान आज मोबाइल का है इसलिए आज से 1 महीने के लिए मोबाइल से दूरी बना ले और व्यर्थ की बातों में जाने की वजह अपनी अंतरात्मा से बात करें और टीचर्स द्वारा दी जा रही शिक्षाओं को ध्यानपूर्वक सुने ताकि आपकी परीक्षा का परिणाम बहुत सुंदर आए क्योंकि यह समय हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है अगर हमारे जीवन का यह समय व्यर्थ कार्यों में चला गया तो हम इसे वापस नहीं ला सकते आज हमारा जीवन जिस दौर से गुजर रहा है वहां पर नेगेटिव कार्य नेगेटिव वातावरण बहुत ज्यादा प्रभावशाली है स्वयं को बचाने के लिए हमें ब्रह्म मुहूर्त के समय को अपने जीवन का हिस्सा बनना चाहिए और सुबह मॉर्निंग उठकर के हमें स्टडी करनी चाहिए ताकि हम समय पर अपना कार्य कर पाए और परीक्षा के अच्छे परिणाम को प्राप्त करे ईश्वरीय सेवा में बीके मधु बहन बीके पूनम बहन बीके नम्रता बहन बीके खुशबू बहन
: बीजेपी ने तीन राज्यों में मुख्यमंत्री के चयन हेतु पर्यवेक्षक नियुक्त किया
Fri, Dec 8, 2023
3
दिसंबर को काउंटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से विजई हुआ, इन तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री हेतु आज 8 दिसंबर को पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी गई। इन तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद हेतु पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और अन्य नेतागण अपनी अपनी जुगाड मे लग गय है ।
पर्यवेक्षक द्वारा की जाने वाली समस्त कार्यवाही गोपनीय रहेगी। पारदर्शिता का इसमें कोई भी रोल नहीं है। अंततः माना जाए कि मुख्यमंत्री की चयन अमित शाह एवं नरेंद्र मोदी की मंशा और मन के अनुसार ही होनी है। आखिर जीत भी तो इन दोनो ने ही दिलाई हैं।
: सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय आदेश 41नियम 17 सीपीसी
Wed, Dec 6, 2023
सुप्रीमकोर्ट का अहम निर्णय आदेश 41 नियम 17 सीपीसी – यदि अपीलकर्ता उपस्थित होने में विफल रहता है तो अपील गुण-दोष के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती; अभियोजन न चलाने पर बर्खास्त किया जाए*
दिल्ली से वेदप्रकाश रस्तोगी के साथ भोपाल से यावर खान एडवोकेट की रपट
आदेश 41 नियम 17 सीपीसी – यदि अपीलकर्ता उपस्थित होने में विफल रहता है तो अपील गुण-दोष के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती; अभियोजन न चलाने पर बर्खास्त किया जाए : सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि अपील सुनवाई के लिए बुलाए जाने पर अपीलकर्ता उपस्थित नहीं होता है तो इसे गैर-अभियोजन पक्ष के आधार पर खारिज किया जा सकता है, न कि योग्यता के आधार पर। ये निष्कर्ष सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश एक्सएलआई नियम 17 में दिए गए स्पष्टीकरण के संदर्भ में है। यदि सुनवाई के लिए निर्धारित दिन पर अपीलकर्ता उपस्थित नहीं होता है तो यह आदेश न्यायालय को अपील खारिज करने का अधिकार देता है।
इसकी व्याख्या इस प्रकार है:
“स्पष्टीकरण- इस उप-नियम में किसी भी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि यह न्यायालय को गुण-दोष के आधार पर अपील खारिज करने का अधिकार देता है।”
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने इसकी व्याख्या करते हुए कहा,
“स्पष्टीकरण में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि अपील सुनवाई के लिए बुलाए जाने पर अपीलकर्ता उपस्थित नहीं होता है तो इसे केवल गैर-अभियोजन पक्ष के कारण खारिज किया जा सकता है, न कि योग्यता के आधार पर।”मौजूदा मामला वर्तमान अपीलकर्ताओं और प्रतिवादियों के बीच संपत्ति विवाद से संबंधित है। विवाद के बाद अपीलकर्ताओं द्वारा मुकदमा दायर किया गया, जिसमें उत्तरदाताओं के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा का दावा किया गया। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। नतीजतन, अपीलकर्ताओं ने दूसरी अपील में कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया।
हालांकि, जिस तारीख को अपील सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई, बहस करने वाले सीनियर वकील के जूनियर ने अदालत को सूचित किया कि सीनियर वकील के चचेरे भाई की मृत्यु हो गई। इस प्रकार, अपीलकर्ताओं की ओर से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
इसके बावजूद, हाईकोर्ट ने गुण-दोष के आधार पर अपील खारिज कर दी और पाया कि इस पर विचार करने का कोई आधार नहीं है। इससे व्यथित होकर अपीलकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
एक ओर अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट गैर-अभियोजन के कारण अपील खारिज कर सकता है, लेकिन योग्यता के आधार पर नहीं। इसके अलावा, यह भी दलील दी गई कि मामले को गुण-दोष के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा पुनर्विचार के लिए भेजा जा सकता है।
जबकि दूसरी ओर, प्रतिवादी पक्ष ने तर्क दिया कि अपील में कोई योग्यता नहीं है और अपीलकर्ताओं की ओर से उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने में लगातार विफलता के कारण आक्षेपित आदेश पारित किया गया।
दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त टिप्पणियां कीं और माना कि योग्यता के आधार पर अपील खारिज करना आदेश एक्सएलआई नियम 17 के विपरीत है। उसी के मद्देनजर, न्यायालय ने अपील की अनुमति दी और हाईकोर्ट के साथ इसे बहाल कर दिया।
केस टाइटल: बेनी डिसूजा बनाम मेल्विन डिसूजा, डायरी नंबर- 42876 – 2023