: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर झंडा फहराने के तरीके और कारण अलग-अलग होते हैं।
Admin
Sat, Jan 25, 2025
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर झंडा फहराने के तरीके और कारण अलग-अलग होते हैं। यहां दोनों की तुलना की गई है:
---
1. 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस):
कौन झंडा फहराता है?
राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।
कैसे फहराया जाता है?
झंडा पहले से पोल पर बंधा रहता है और ऊपर की ओर खींचकर फहराया जाता है।
यह प्रक्रिया दर्शाती है कि हमारा संविधान लागू हुआ और हम एक गणराज्य बने।
क्यों फहराया जाता है?
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ और देश गणराज्य बना।
यह दिन भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली और संविधान के सम्मान में मनाया जाता है।
2. 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस):
कौन झंडा फहराता है?
प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं।
कैसे फहराया जाता है?
झंडा पहले पोल के नीचे की तरफ बंधा रहता है। प्रधानमंत्री इसे खींचकर खोलते हैं और ऊपर की ओर फहराते हैं।
यह प्रक्रिया स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता प्राप्ति के संघर्ष को दर्शाती है।
क्यों फहराया जाता है?
15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी पाई थी।
यह दिन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।
---
मुख्य अंतर:
गणतंत्र दिवस: राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं (झंडा पहले से बंधा होता है)।
स्वतंत्रता दिवस: प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं (झंडा नीचे बंधा होता है और खींचकर खोला जाता है)।
इन दोनों पर्वों का उद्देश्य देशभक्ति, एकता और देश के प्रति सम्मान को प्रकट करना है।
विज्ञापन